डॉक्टर्स डे पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की उमंग अभिव्यक्ति मंच ने ( हेमा शर्मा )
उमंग अभिव्यक्ति मंच पंचकूला ने आज डॉक्टर्स डे पर भगवान की भूमिका अदा करने वाले उन सभी डॉक्टर्स का आभार व्यक्त करने के लिए ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया मंच संचालिका की भूमिका निभाते हुए नीलम त्रिखा ने बताया सभी ने डॉक्टर्स के प्रति अपने भाव अपने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकट किए और तहे दिल से सभी डॉक्टर्स का धन्यवाद किया और यह सच भी है अपनी जान की परवाह किए बगैर सभी डॉक्टर्स ने बिना किसी भेदभाव के सभी का ख्याल रखा है अपने परिवार को भी पीछे रखकर सभी डॉक्टर्स ने अपने फर्ज को निभाया है डॉक्टर निम्मी वशिष्ट जी को अतिथि के रूप में बुलाया निम्मी वशिष्ठ जो कि नेचुरोपैथी की डॉक्टर है उन्होंने बहुत सारे घरेलू नुस्खे और एक्यूप्रेशर के माध्यम से इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सभी ने इनका तहे दिल से धन्यवाद किया महामारी कोरोना में निम्मी जी ने बिना किसी भेदभाव के सभी की बहुत सेवा की है दूर-दूर से सभी रचनाकारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया सभी रचनाकारों के नाम इस प्रकार से हैं सुनीता राणा, मधु गोयल अनूपमा पराशर , दिलप्रीत ,आभा मुकेश साहनी, आरती प्रिय, राशि श्रीवास्तव, संगीता शर्मा कुंद्रा, नीरू मित्तल।
नीलम त्रिखा ने अपनी कविता में यूं कहा
संकट की इस घड़ी में सब ने मिलकर मुहिम चलाई है ...
सभी डॉक्टर्स और नर्स को तू कर ले प्रणाम...
धरती पर यह बने भगवान कोरोना ना जाएगा...
डॉक्टर निम्मी विशिष्ट जी ने अपनी रचना में कुछ यूं कहा वक्त जैसा भी है नहीं रुकता...
दहशत भरा यह दौर भी निकल ही जाएगा...
संगीता शर्मा कुंद्रा की कविता "यूँ ही नहीं कहा जाता, डॉक्टर को भगवान का रूप" आभा साहनी ने “हमारी सेवा में हैं लगे हुए, खुद का परिवार भूला बैठे” राशि श्रीवास्तव ने "शत शत नमन तुम्हे करते हैं 'युद्धवीर' है नाम दिया, हमें बचाने के खातिर तुमने है बलिदान दिया" पंक्तियां गाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।


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